महान आदेश की पाठशाला

प्रशिक्षक के साथ • 19 पाठ • 182 छात्र

इस पाठ्यक्रम के विषय में

इस प्रशिक्षण नियमावली को एशिया की सेवकाईयों के अनुभवी अगुवों के एक समूह के द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है, ताकि अपने अगुवों और शुरूआती स्तर के विश्वासियों को महान आदेश  को पूरा करने के लिए प्रशिक्षण दे सकें। वे अपने अनुभव और उन लोगों के अनुभवों को साझा करते हैं जिन्होंने अपने देशों में शक्तिशाली आंदोलनों को देखा है। जबकि हम परमेश्वर के वचन से सीखे गए इन सिद्धांतों को और हमारे द्वारा लागू किए गए सिद्धांतों को भी साझा कर रहे हैं, तो हमने महान आदेश को पूरा करने के लिए अन्य आंदोलनों से भी सबसे उत्तम अभ्यास के विचार लिए हैं। हम प्रेरितों के काम की पुस्तक से सीखते हैं जो विभिन्न परिस्थितियों में महान आदेश की पूर्ति के लिए विभिन्न रणनीतियों और तरीकों का प्रयोग किया गया। हमें पवित्र आत्मा की आवाज़ के प्रति संवेदनशील होने की और उन लोगों का सम्मान करने की ज़रूरत है जिन्होंने इसे अलग तरह से किया है। इस पुस्तक में साझा किए गए उदाहरण और नमूने एशियाई संदर्भ के अनुसार हैं, लेकिन आपको अपनी संस्कृतियों और स्थिति के अनुसार इन्हें अनुकूल बनाने की आवश्यकता हो सकती है।

हमें उम्मीद है कि यह पुस्तक रणनीतियों का मूल्यांकन करने के लिए कुछ दिशानिर्देश प्रदान करेगी और यह देखने में मदद करेगी कि क्या कुछ इससे बेहतर है, जो हम प्रत्येक स्थिति में कर सकते हैं। महान आदेश को पूरा करने और बड़ी तस्वीर को समझने के सभी पहलुओं को शामिल करने के लिए यह एक अच्छी पुस्तक साबित होगी। इससे हम में से प्रत्येक को यह समझने में मदद मिलेगी कि हमारा  लक्ष्य महान आदेश के बड़े कार्य में कैसे सही बैठता है।

हम उम्मीद करते  है कि प्रत्येक शिक्षार्थी यीशु मसीह का एक आज्ञाकारी चेला हो जो इस शिक्षा को अगली पीढ़ी के चेलों तक ले जाए जैसे कि 2 तिमु. 2:2 में किया गया। एज्रा ने आज्ञाओं को सीखा और माना तथा इस्राएल के लोगों को भी सिखाया (एज्रा 7:10)। ऐसे चेलों को H.O.T मसीही कहा जा सकता है [हियर (सुनो), ओबे (मानो), टीच (सिखाओ)]।


इस नियमावली का उपयोग करने के लिए दिशानिर्देश

जितना संभव हो इस नियमावली का उपयोग सामूहिक रूप से सीखने वाले लोगों के द्वारा सक्रिय रूप से भागीदारी के तरीकों का प्रयोग करके किया जाना चाहिए। समूह कि अगुवाई एक परिपक्व अगुवे द्वारा की जा सकती है परन्तु उसका उद्देश्य सामूहिक रूप में सिखाना होना चाहिए न कि केवल भाषण देना। हर एक व्यक्ति को यह आजादी देनी चाहिए कि वह अपनी बात को बोल सकें इसके साथ ही अगुवे को इस बात का ध्यान भी रखना चाहिए  कि वह मुख्य बात से न भटके।

सीखने वालों को पाठ में दिए गए बाईबल के भागों को पढ़ने के लिए उत्साहित करें और उनसे पूछे कि वे बाईबल भाग को पाठ के सन्दर्भ में कैसे समझते हैं। जैसे-जैसे वे सीखते है, प्रत्येक सीखने वाले को नोट्स लिखने के लिए उत्साहित करें। छोटे-छोटे समूह में एक दूसरे को सिखाने कि कला का अभ्यास करें। जो कुछ भी उन्हें समझ में नहीं आता है उसे लिखने के लिए कहें ताकि उनके सिखाने वाले उनकी मदद कर सकें। प्रत्येक सीखने वाले को प्रश्नों और जो काम उन्हें दिया जाता है उसमें भाग लेने के लिए उत्साहित करें। प्रत्येक सीखने वाले को प्रत्येक कक्षा के बाद असाइनमेंट को लिखने के लिए उन्हें उत्साहित करें। इसके लिए दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं:

·         यह पाठ्यक्रम स्थानीय कलीसियाओं के प्रयोग के लिए है जो एक साथ सिखनेवाले समुदायों के रूप में इकठ्ठी होती हैं।

·         बाईबल के भाग को पढ़े और शीर्षक के अनुसार समूह में चर्चा करें।

·         प्रत्येक पाठ को एक प्रशिक्षित अगुवे द्वारा सिखाया जाना चाहिए जो एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगा।

·         प्रशिक्षण के लिए एक संवादात्मक (बातचीत) तरीके  का उपयोग करें (सुकरात चर्चा)

·         भाग लेने वालों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता प्रदान करें

·         तुरंत आज्ञाकारिता को प्रोत्साहित करें

·         कक्षा के बाद एक-दूसरे को सिखाने की कला का अभ्यास करें

·         हर एक सहभागी को प्रत्येक कक्षा के चर्चा और  प्रयोगात्मिक प्रशनों को लिखने या उनकी रिकॉर्डिंग करने के लिए उत्साहित करें

·         प्रत्येक शिक्षार्थी दूसरों को सिखाए, ताकि वे और दूसरे लोगों को सिखाएं


कक्षा में प्रयोग किए जाने हेतु एक सुझावित रुपरेखा:

हम चाहते है कि कक्षा को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन किया जाना चाहिए

1.    पीछे देखें   – मैंने पिछले सप्ताह में क्या सीखा? मैंने पिछले सप्ताह में किस बात का पालन किया? मैंने किन चुनौतियों का सामना किया?

2.    ऊपर देखें – स्तुति-आराधना करें और एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करते हुए आज की कक्षा को सीखने के लिए पवित्र आत्मा की अगुवाई माँगे

3.    आगे देखें  – प्रत्येक व्यक्ति से वह लिखने या साझा करने के लिए कहें, जो  वो पालन करेंगे और वे किन्हें सिखाएँगे


हमने कुछ छूट के साथ महान आदेश की पाठशाला की इस नियमावली में अधिकांश पाठों के अध्यायों को निम्नलिखित शीर्षकों के अनुसार तैयार किया हैं। आम तौर पर, प्रत्येक पाठ में निम्नलिखित शामिल है:

उद्देश्य:

यह कक्षा में भाग लेकर पाठ के लिए सीखने के उद्देश्य हैं। सीखने के उद्देश्यों को ध्यान से समझें।


मुख्य (कुँजी) आयतें/ भाग:

अध्याय की सामग्री पर जाने से पहले मुख्य बाईबल भागों को पढ़ें और चर्चा करें। ये आयतें अध्याय के मुख्य विचार पर जोर देती हैं।


अध्याय की सामग्री:

यह उद्देश्य और मुख्य भागों के आधार पर विषय का विवरण है। इस खंड में अतिरिक्त भागों के भी उदाहरण दिए जा सकते हैं और कृपया सभी आयतों को ध्यान से पढ़ें और अध्ययन करें। ऐसे किसी भी संदर्भ को देखने के लिए अपनी बाईबल का उपयोग करें जो नियमावली में न दिया गया हो। विषय को सीखने के लिए भागीदारी नमूने का उपयोग किया जाना चाहिए और प्रत्येक आयत और विषय पर चर्चा की जानी चाहिए।


चर्चा के लिए प्रश्न।

प्रत्येक पाठ में कुछ प्रश्न दिए जा सकते हैं। चर्चा के दौरान आने वाले अतिरिक्त प्रश्नों का उपयोग करें।


दूसरों को सिखाएं (H.O.T – CHRISTIANS ) हॉट मसीही Hear (सुनना), Obey (मानना), Teach (सिखाना))

हम ये भी सुझाव देते है कि प्रत्येक शिक्षार्थी दूसरों को आज्ञा पालन करना और दूसरों को शिक्षा देना सिखाते हुए, नीचे दिए गए सिद्धांत का पालन करे:

(एज्रा 7:10) – अध्ययन करना , मानना और सिखाना “एज्रा ने अपना पूरा समय और ध्यान यहोवा के नियमों को पढ़ने और उनके पालन करने में दिया। एज्रा इस्राएल के लोगों को यहोवा के नियमों और आदेशों की शिक्षा देना चाहता था और वह इस्राएल में लोगों को उन नियमों का अनुसरण करने में सहायता देना चाहता था।“

2 तीमुथियुस 2:2 के आधार पर निम्नलिखित सिद्धांत का अभ्यास करे – “और जो बातें तूने बहुत गवाहों के सामने मुझसे सुनी हैं, उन्हें विश्वासी मनुष्यों को सौंप दे; जो औरों को भी सिखाने के योग्य हों।“


व्यावहारिक लागू करने योग्य बातें:

निम्नलिखित प्रश्नों के लिए अपने उत्तर लिखिए। एक या दो शिक्षार्थियों या शिक्षकों के साथ उत्तर व योजनाओं को साझा करें।

1.    मैंने क्या सीखा है? सारांश लिखें

2.    आज मैंने जो सीखा है, उसके आधार पर मुझे क्या मानना चाहिए?

3.    मैं किसे सिखाऊंगा? (जिन लोगों को आप सिखाएंगे उन की एक सूची बनाइए)

4.    इस शीर्षक से सम्बंधित बाईबल से एक कहानी या उदाहरण चुनिए।

5.    आपने जो सीखा है उसके आधार पर एक चित्र बनाइये या उदाहरण दीजिए।


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